पता नहीं कितना अंधकार था मुझमें,मैं सारी उम्र चमकने की कोशिश में बीत गया ।
एक डर सा लगा हुआ है मुझे,वो बिना शर्त चाहता है मुझे ।
"अगले पल ज़िंदगी ना जाने,कौन सा रंग दिखायेगी lहम है,रोज नये सपने खरीदते है,ना जाने वो,कैसे फ्रेम में आएगी l"
"क्या कहा, क्या समझा गया,क्या समझा, क्या कहा गया,मोह्हबत घूमती इन किनारों पे,जो कहा गया, ना कभी समझा गया l"
उन्हें शिकायत है कि,हम उन्हें इतना क्यों सोचते है,क्या गुजरेगी जान के, हम उन्हें हर लम्हें में जीते है l
WISH YOU HAPPY NEW YEAR IN ROWADY STYLE.