जिंदगी तो किस्मत से चलती है
साहब
दिमाग से चलती तो बादशाह बीरबल होता
अकबर नहीं
क्रोध हवा का वह झोंका है
जो बुद्धि के दीपक को बुझा देता है
रिश्ते चाहे कितने ही बुरे हो उन्हें
तोड़ना मत क्योंकि पानी चाहे
कतना भी गंदा हो अगर
प्यास नहीं बुझा सकता
पर आग तो बुझा सकता है
मैंने भी बदल दिए है
उसूल-ए-जिंदगी,
जो याद करेगा..
अब सिर्फ वही याद रहेगा..!!
मुसीबत सब पर आती है . कोई बिखर जाता है . और कोई निखर जाता है।