अब कोई रास्ता नहीं बचा
तुमको मायके छोडकर आना ही होगा..
नहीं तो टीम "आईपीएल" से बाहर हो जानी है...!!
आजकल बेटियां भी बेटो से कम नहींमजाल है घर का कोई काम करे...
महिला जल की तरह तरल और शीतल होती है| पुरुष मिट्टी की तरह ठोस और रुखा होता है|और जब दोनों की शादी होती है तो कीचड़ हो जाता है रे बाबा...
अर्ज किया है....तुम मुझे "तुम" कहकर ही बुलाओ..तो बेहतर है... ये "AAP" मुझे ना जाने क्यों.. "केजरीवाल" सा लगता है