तु मिल गई है तो मुझ पे नाराज है खुदा,
कहता है की तु अब कुछ माँगता नहीं है
जो पास हो जरुरी नहीं साथ हो
रूठे ज़माने को एक ख़्वाब देना है,बन हौंसला,कि जमाने को नया मकाम देना है lकरना क्या होगा,मुस्कुराना और नज़र मिलाना हैज़माने को दौड़ तो अपनी खुद लगाना है l
जिस ऊँगली को पकड़ 😘 कर मेरी जान 👰 चलती 👫 है
वो मिलते है,तो आँखों में बस जाते है,चेहरे पे आते उनके बालो में,हम उलझ जाते है lकैसे कहे कितनी मोह्हबत है,लफ्ज़ कम पड़ जाते है l
ऐ मोह्हबत!
तेरे घर का पता
मिला भी तो क्या,
अब पूरे शहर में,
लॉकडाउन लगा है..🏡