पता नहीं कितना अंधकार था मुझमें,मैं सारी उम्र चमकने की कोशिश में बीत गया ।
जो मुझे भुला देंगे मैं उन्हें भुला दूंगा,सब गुरुर उनका खाक में मिला दूंगा ।।
बहुत शोर है आज हवाओं में,पीछे ना जाने, नुकसान कितना है,उड़ा जाता मन द्वन्द तो लगता,संभालना खुद को आसान कितना है l
"बहुत राहत है, तुम्हारे ख्यालों में,उसके आहट से भी ग़म दूर होते है l"
कई बार ऐसा लिखा मिला,जो मुझसे ना कभी कहा गया lकिसी ने बात कह दी ऐसी,जैसे मेरा दिल निकाल के रख गया l