मेरे बाएँ बाँह पे उनका सर हो,उनका बायाँ हाँथ मेरे सीने पर lफिर हर बात भूल जाता हूँ,अगली सहर होने तक l
Aye khuda
kuch nahi maanga tujhse
Aaj ek dua poori karde
Maut maang raha hu dede..!
Hamen Taameer Ke Dhokhe Mein Rakhakar Hamaare Khvaab Chunavaaye Gae Hain
जिंदगी एक सजासी हो गई है,
गम के सागर मे कुछ इस कदर खो गयी है,
तुम आजाओ वापिस ये गुजारिश है मेरी,
शायद मुझे तुम्हारी आदत सी हो गई है ।
बंदा नहीं है कोई टक्कर
का आज की तारीख में,
इसीलिए लफ्ज कम पड़
जाते है हमारी तारीफ़ में..!!