सभी के दीप सुन्दर है,हमारे क्या,तुम्हारे क्या lरौशनी है ये बड़ी बात है,इस किनारें क्या, उस किनारें क्या l
"काश! कोई इस रात की सहर रोक लेता,आज फिर मुझे कोई घर रोक लेता l"
"ना तुमसा मिला कोई, ना तुमसा मिलेगा,इश्क़ रुसवा होकर भी, ना अश्कों में बहेगा l"
तनहाई ले जाती है जहाँ तक याद तुम्हारी,
वही से शुरू होती है जिंदगी हमारी,
नहीं सोचा था हम चाहेंगे तुम्हें इस कदर,
पर अब तो बन गए हो तुम किसमत हमारी...