कच्चे धागों से बनी पक्की डोर हैं राखी
प्यार और मीठी शरारतों की होड़ हैं राखी
भाई की लम्बी उम्र की दुआ हैं राखी
बहन के प्यार का पवित्र धुआं हैं राखी
क़सूर उनका नहीं,जो मुझसे दूरियाँ बना लेते है….
रिवाज है ज़माने में,पढ़ी किताबें ना पढ़ने का.....
उठाये जो हाथ उन्हें मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी औकात में रहो।
आज उसकी एक बात ने मुझे मेरी गलती की यूँ सजा दी…
छोड़ कर जाते हुए कह गई,
जब दर्द बर्दाश्त नहीं होता तो मुझ से मोहब्बत क्यूँ की….!!!!
उसके साथ जीने का इक मौका दे दे, ऐ खुदा..
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे..
Diwangi har raz khol deti hai,
Khamosi bhi har baat bol deti hai,
Shikayat hai muze sirf is dunia se,
Jo dil ke jazbat bhi paiso se tol detihai.
Akele hai to kya hua,Ye zindgi bhi guzar jayegi….
Hum apni tanhai mitane ke liye kisi ko majbur nahi karte…