तुमको अच्छा नहीं लगता तो हम भी
मुलाकात नहीं करेंगे अब जब तक
i love you नहीं बोलोगी हम भी
बात नहीं करेंगे।
मैं नदी तो,
तुम समन्दर हो,
चला कंही से,
पर तुम पर ठहरा हूँ,
मैं चाँद-सा,
रौशन हुआ तेरी रौशनी से,
एहसासो के पर्वतो पे,
तेरे संग चढ़ता हूँ,
मुझे अब अपनी,
पनाहो में जगह दे दो,
मुझे तुमसे,
बे-पनाह मोह्हबत है,
तुम भी थोड़ा सा,
मोह्हबत दे दो "
हसरतें हैं बहुत मगर
तुमसे मैं क्या कहूं
लेके बाँहों में मैं तुम्हें
प्यार करता रहूं
ख्वाहिशें हैं बहुत मगर
हद से आगे गुजर के भी
अब मुहब्बत करूं
लोग कहते फिरते हैं कि वो जिससे प्यार करते हैं
वो एक चाँद का टुकड़ा है
पर मैं कहता हूँ कि मैं जिसे प्यार करता हूँ
चाँद उसका एक टुकड़ा है
बनकर तेरा साया तेरा साथ निभाऊंगा
तू जहां जाएगा मैं वहां वहां जाऊंगा
साया तो छोड़ जाता है साथ अंधेरे में
लेकिन मैं अंधेरे में तेरा उजाला बन जाऊंगा