लोग कहते फिरते हैं कि वो जिससे प्यार करते हैं
वो एक चाँद का टुकड़ा है
पर मैं कहता हूँ कि मैं जिसे प्यार करता हूँ
चाँद उसका एक टुकड़ा है
पूछते हैं मुझसे की शायरी लिखते हो क्यों,
लगता है जैसे आईना देखा नहीं कभी।
Kuch Nasha To Aapki Baat Ka HaiKuch Nasha To Dheemi Barsaat Ka HaiHumein Aap Yun Hi Sharabi Na KahiyeIs Dil Par Asar To Aap Se Mulakat Ka Hai.
उनका भी कभी हम दीदार करते है,उनसे भी कभी हम प्यार करते है,क्या करे जो उनको हमारी जरुरत न थी,पर फिर भी हम उनका इंतज़ार करते है..!!
Aye barish zara tham ke baras,Jab mera yaar aa jaye to jam ke baras,Pehle na baras ki woh aa na sake,Phir itna baras ki woh ja na sake.