हसरतें हैं बहुत मगर
तुमसे मैं क्या कहूं
लेके बाँहों में मैं तुम्हें
प्यार करता रहूं
ख्वाहिशें हैं बहुत मगर
हद से आगे गुजर के भी
अब मुहब्बत करूं
काश एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,
वो आके गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर।
तेरे इश्क़ में इस तरह मैं नीलाम हो जाओआखरी हो मेरी बोली और मैं तेरे नाम हो जाऊ
आप दूर हो लेकिन दिल में यह एहसास होता है,
कोई ख़ास है जो हर वक़्त हमारे दिल के पास रहता है,
वैसे तो करते हैं याद हम सबको,
लेकिन आपकी याद का एहसास हमेशा ख़ास होता है
हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।