मेरी हर नजर में बसे हो तुम मेरी हर कलम पर…
लिखे हो तुम तुम्हें सोच लिया तो…
मेरी शायरी ना लिख सकुं वो खयाल हो तुम…
ज़िंदगी चाहे
जितना उलझायेगी,
तुम थामे रहना
डोर मजबूती से,
मैं दूसरा छोर
ढूंढ लाऊँगा l
कई कारवाँ हो लिए उसकी तरफ,अब शायद मैं उसकी नज़र में नहीं..
"एक मोह्हबत के उम्मीद में,
जहाँ के सारे रंग,सारे खुशबू,
सारा संगीत, सारा सौन्दर्य,
दिल के साथ उन्हें दे आया l"❤❤
Pyar Bhari shayari