मेरी हर नजर में बसे हो तुम मेरी हर कलम पर…
लिखे हो तुम तुम्हें सोच लिया तो…
मेरी शायरी ना लिख सकुं वो खयाल हो तुम…
"अंजुम तुम्हारा शहर जिधर है उसी तरफ,एक रेल जा रही थी,कि तुम याद आ गए"
ज़िंदगी चाहे
जितना उलझायेगी,
तुम थामे रहना
डोर मजबूती से,
मैं दूसरा छोर
ढूंढ लाऊँगा l
कई कारवाँ हो लिए उसकी तरफ,अब शायद मैं उसकी नज़र में नहीं..
Pyar Bhari shayari