जब तलक एहसासे मोह्हबत,मोहताज़ इज़हारे मोह्हबत की lसमझ अभी सफर बाक़ी है,मंजिल इबादते मोह्हबत की l
जिस ऊँगली को पकड़ 😘 कर मेरी जान 👰 चलती 👫 है
"स्याह की एक बूँद से,
बदलती है दुनियाँ,
कभी कलम उठा,
आँखों का सच लिख देना l"
हमारी गलतियों से कही टूट न जाना,
हमारी शरारत से कही रूठ न जाना,
तुम्हारी चाहत ही हमारी जिंदगी हैं,
इस प्यारे से बंधन को भूल न जाना.
खिड़की से झांकता हूँ मै, सबसे नज़र बचा कर
बेचैन हो रहा हूँ, क्यों घर की छत पे आ कर
क्या ढूँढता हूँ, जाने क्या चीज खो गई है,
इन्सान हूँ, शायद मोहब्बत हमको भी हो गई।
तेरे रुखसार पर ढले हैं
मेरी शाम के किस्से,
खामोशी से माँगी हुई
मोहब्बत की दुआ हो तुम।