आग तो हम भी लगा दें दिलों में अपनी शायरी से…
पर डरते हैं कि कहीं तुमसे इश्क न हो जाए हमें…
एक रोज निकाल कर सारे पुराने ख़त पढ़ लेना,हर ख़त का एक ही जवाब 'मोह्हबत' लिख देना l
दायरों में बंद हमारा प्यार,जाने कब तक हमें तड़पायेंगेहोते पंक्षी तो कोई बंदिश ना होती,पंख हमारे रोज हमें मिलवाते l
तुम्हारे इश्क़ का मौसम,
हर मौसम से सुहाना होता है
“हम वो नहीं की भूल जाया करते हैं,
हम वो नहीं जो निभाया करते हैं,
दूर रहकर मिलनाशायद मुश्किल हो,
पर याद करके सांसो में बस जाया करते हैं.”
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,तो माफ़ करना मुझे,क्योंकि इस दिल को आदत है,तुम्हे याद करने की…
अगर आए तुम्हे हिचकियाँ,
तो माफ़ करना मुझे,
क्योंकि इस दिल को आदत है,
तुम्हे याद करने की…