रोज़ मौसम की शरारत झेलता कब तक ,मैंने खुद में रच लिए कुछ ख़ुशनुमा मंज़र..!
ज़िन्दगी चाहे लिख रही हो काजल के गीत...!. . ख्वाब पलकों पे हमारी सुनहरे ही रहते हैं...!!
" 'तुम ठीक हो' मेरे पूछने पे,जवाब 'हाँ' में आना ही..आज किसी मोह्हबत वाली,बात से जादा सुकून देता है l"
रहे जो जग से तन अकेला, मन चंचल ना होए,रहे जो तन, तन का मेला,जुबां ना आपा खोए l
"मन अकेला और यादों वाला ज़माना होता है,ये नज़्म ही, तुमसे बातों का बहाना होता है l"
नया सवेरा है नयी सुबह है…
नए दिन की उमंग बहुत है
खोल दो आँखें अब तुम भी जल्दी से …
बिन तेरे हर लम्हा मुश्किल है
Good Morning Sweetu