खुशियों से नाराज़ है मेरी जिंदगी,
प्यार की मोहताज है मेरी जिंदगी,
हँस लेता हूं लोगों को दिखाने के लिए
वरना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी।
बरस रहे बादल आँखे रो रहीतन्हाई हर बात कह रहीजाये तो कहा जायेहर ओर गम की हवा चल रहीबड़ा अजीब मंजर है इश्क कामर चुका मानस मगर साँस चल रही
वो बेवफा हर बात पे देता है परिंदों की मिसाल,
साफ साफ नहीं कहता मेरा शहर छोड़ दो।
लाखों तूफान उठे है इस दिल में
तुजे देखने के बाद
काश
जुल्फों की काली घटाओं से ढक पाऊ
ये चाँद सा चेहरा तेरा
दिल से रोये मगर होंठो से मुस्कुरा बेठे,यूँ ही हम किसी से वफ़ा निभा बेठे,वो हमे एक लम्हा न दे पाए अपने प्यार का,और हम उनके लिये जिंदगी लुटा बेठे..