Ek baat bolun,ek
Din bahut
Miss karoge mujhe..!!
कदम डग मगा गये युही रास्ते से
वरना सम्भलना हम भी जानते थे,
ठोकर लगी तोभी उस पत्थर से
जिसे हम अपना खुदा मानते थे।।
सब लुटाकर मिला दर्द ये,दर्द का मत दमन कीजिए,जो ये पतझर है जिन्दगी,प्राण ! उसको चमन कीजिए,किस तरफ पग बढ़ाकर चली,प्रेम-पथ पर गमन कीजिए....
तुमको देखूं तो मुझे प्यार बहोत आता है
ज़िंदगी इतनी हसीन पहले तो नही लगती थी
न मेरा एक होगा , न तेरा लाख होगा,
तारिफ तेरी ,न मेरा मजाक होगा,
गुरुर न कर शाह-ए-शरीर का,
मेरा भी खाक होगा , तेरा भी खाक होगा