“यदि जीवन में लोकप्रिय होना हो तो सबसे ज्यादा ‘आप’ शब्द का, उसके बाद ‘हम’
शब्द का और सबसे कम ‘मैं’ शब्द का उपयोग करना चाहिए।”
छोटी-छोटी बातें दिल में रखने से,
बड़े-बड़े रिश्ते कमज़ोर हो जाते हैं,
बड़ी सोच बड़ा दिल, ज़िन्दगी की हर सुबह खुशहाल बनाते हैं।
चलो ज़िन्दगी को जिंदादिली से जीने के लिए एक छोटा सा उसूल बनाते हैं,
रोज़ कुछ अच्छा याद रखते हैं, और कुछ बुरा भूल जाते हैं।
स्वयं को ऐसा बनाओ, जहाँ तुम हो, वहां तुम्हें सब प्यार करे,
जहाँ से तुम चले जाओ, वहां सब तुमें याद करें,
जहाँम पहुँचने वाले हो, वहां सब तुम्हारा इंतज़ार करें।
अँधेरा चाहे कितना भी घना हो लेकिन
एक छोटा सा दीपक अँधेरे को चीरकर प्रकाश फैला देता है
वैसे ही जीवन में चाहे कितना भी अँधेरा हो जाये
विवेक रूपी प्रकाश अन्धकार को मिटा देता है