“मन में जो है साफ़ साफ़ कह देना चाहिए क्योकि
सच बोलने से फैसले होते है और झूट बोलने से फासले।”
कितने मूर्ख हैं
हम भगवान के बनाए फलों को भगवान को ही अर्पण करके धन दौलत माँगने लगते हैं
इंसान अच्छा या बुरा नहीं होता
बस वक्त अच्छा और बुरा होता है
गुस्सा करना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा ही है –
क्यूंकि आप जिसपे गुस्सा करते हैं उससे ज्यादा आपका खुद का नुकसान हो जाता है
जो लोग दूसरों का भला सोचते हैं
केवल उन्हीं का जीवन सफल है,
अपने लिए तो जानवर भी जीते हैं