"Where does a vampire get all his jokes? From a crypt writer!"
किस लोभ से “किसान” आज भी, लेते नही विश्राम हैं,
घनघोर वर्षा में भी करते निरंतर काम हैं
शिक्षा के प्रति प्रत्येक किसान को जागरूक होना चाहिए तभी उनका जीवन बेहतर हो सकता हैं.
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए,
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए|
किसान के पास पैसे कम हो सकते हैं और बहुत सारी समस्याएँ भी हो सकती हैं पर वो स्वस्थ होता हैं और रात में चैन से सोता हैं.
अनाज दिन ब दिन महंगा होता जा रहा है, लेकिन उसे उपजाने वाला किसान गरीब होता जा रहा है।
मैं किसान हूँ मुझे भरोसा हैं अपने जूनून पर
निगाहे लगी हुई है आकाश के मानसून पर.
किसान सबसे सुखी हो सकता हैं यदि वो शिक्षित हो जाएँ..
एक आस, एक एहसास, मेरी सोच और बस तुम,एक सवाल, एक मजाल, तुम्हारा ख़याल और बस तुम,एक बात, एक शाम, तुम्हारा साथ और बस तुम,एक दुआ, एक फ़रियाद, तुम्हारी याद और बस तुम,मेरा जूनून, मेरा सुकून बस तुम और बस तुम