एक तो कातिल सी नज़र
ऊपर से काजल का कहर
हर बात में आंसू बहाया नहीं करते,दिल की बात हर किसी को बताया नहीं करते,लोग मुट्ठी में नमक लेके घूमते है..दिल के जख्म हर किसी को दिखाया नहीं करते।
बातो बातो मैं दिल ले जाते हो,देखते हो इस तरह जान ले जाते हो,अदाओ से अपनी इस दिल को धरकाते हो,लेकर बाहों मै – सारा जहाँ भुलाते हो.
हर रात को तुम इतना
याद आते हो के हम भूल गए हैं,
के ये रातें ख्वाबों के लिए होती हैं,
या तुम्हारी यादों के लिए
हमारी हर रात तम्हारे साथ हो,
ओर प्यार मोहब्बत की बात हो,
हम लेले तुम को बाँहों में अपनी,
फिर बताये तुम ही ज़िन्दगी तुम ही हमारी कैनाथ हो,
गुड नाईट डिअर…