फूलों की तरह खिलते रहो,
सूरज की तरह चमकते रहो,
और सारा दिन आप हँसते रहो..!
दिल में क्या फूल खिला करते थे,
अपना घर सजाने की खातिर,
हम उसका नाम लिखा करते थे,
कल उसे देखा तो याद आया
हम भी कभी मोहब्बत किया करते थे!!
हँसना हँसाना ये कोशिश है मेरी,
सबको खुश रखना चाहत है मेरी,
कोई याद करे या न करे,
हर किसी को याद करना आदत है मेरी।
Good Morning
Daag Gulami Ka Dhoya Hai Jaan Luta Kar,
Deep Jalaye Hai Kitne Deep Bhujha Kar,
Mili Hai Jab Yeh Azadi To Fir Is Azadi Ko.
Rakhna Hoga Har Dushman Se Aaj Bachakar.
सिसक कर पूछती हैमुझसे ये तनहाईय़ाजो बड़े हमदर्द थे तेरेआखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.
सिसक कर पूछती है
मुझसे ये तनहाईय़ा
जो बड़े हमदर्द थे तेरे
आखिर वो बेबफाई कैसे कर गये.