वैसे हम रहते तो है सिंपल टाइप,
पर जब हम मूड में होते है,
तो सुलतान भी सलूट ठोकता है.
अगर तुमसे कोई पूछे बताओ ज़िन्दगी क्या है,हथेली पर जरा सी राख़ रखना और उड़ा देना।
कोई कहे इससे जादू की झप्पी,
कोई कहे इसे प्यार…
मौका है खूबसूरत,आ गले लग जा मेरे यार |
चाहता कौन है बेवफ़ायी करना
उसने परिवार सम्भाला होगा
यही सोच कर समझाता हूँ ख़ुदको
मजबूर होकर मुझे दिल से निकाला होगा
कितनी जल्दी ये शाम आ गई;
गुड नाईट कहने की बात याद आ गई;
हम तो बैठे थे सितारों की महफ़िल में;
चाँद को देखा तो आपकी याद आ गई.