कौन कहता है
सिर्फ नफरतों में ही दर्द है
कभी कभी बेपनाह मोहब्बत भी
बहुत दर्द देती है..
तुम शराफ़त को बाज़ार में क्यूँ ले आए हो…
दोस्त
ये सिक्का तो बरसों से नहीं चलता…!!
हमसे पूछो क्या होता है पल पल बिताना,बहुत मुश्किल होता है दिल को समझाना,यार ज़िन्दगी तोह बीत जायेगी,बस मुश्किल होता है कुछ लोगो को भूल पाना. |
चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो,कुछ यूँ चला है तेरे ‘इश्क’ का जादू,सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
गुज़र जायेगी ज़िन्दगी उसके बगैर भी,
वो हसरत-ए-ज़िन्दगी है ….
शर्त-ए-ज़िन्दगी तो नहीं……!!