सजदा से करबला को बंदगी मिल गई
सबर से उम्मत को जिंदगी मिल गई
एक चमन फातिमा का गुज़रा
मगर सारे इस्लाम को जिंदगी मिल गई.
Humne to khud se inteqam lia ,
Tumne kya soch kar humse mohabbat ki?
शुभचिंतक वो नही होते जो आपसे रोज़ मिलें और बातें करें...
शुभचिंतक वो है जो आपसे रोज़ ना भी मिल सकें
फिर भी आपकी ख़ुशी के लिए प्रार्थना करें...
सुप्रभात
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए,
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए|
आपके हाथों से कोई छीन सकता है
लेकिन जो नसीब में है उसे कोई नहीं छीन सकता...