नाग पंचमी की शुभकामनाएं
महादेव का है आभूषण
श्री विष्णु का है शेषनाग सिंहासन
अपने फन पर जिसने पृथ्वी उठायी
ऐसे नाग देवता को मेरा वंदन.
वर्षों से दहलीज़ पर कड़ी वो मुस्कान है,
जो हमारे कानो में धीरे से कहती है,
“सब अच्छा होगा”
मुक्तसर सी ज़िन्दगी है मेरी तेरे साथ जीना चाहता हूँ,कुछ नहीं मांगता खुदा से बस तुझे मांगता हूँ.
आपके हाथों से कोई छीन सकता है
लेकिन जो नसीब में है उसे कोई नहीं छीन सकता...
दो लड़के मिलते हैं
पहला : तूने मेरी Girlfriend को क्यों प्रपोज किया ?
दूसरा : देख भाई…
जब तक लड़की कुंवारी है
न हमारी है, न तुम्हारी है
बस सरकारी है