हवा भी रूक जाती है कहने को कुछ तराने,
बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है बहाने..!!
Hum toh fanaah ho gaye uski ankhen dekh kar Ghalib,Na jane woh Aaina kaise dekhte honge.
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
मैं आप उस इंसान को ढूंढ रहे हैं
जो आके आपकी मदद करेगा
तो शीशे के सामने खड़े हो जाएँ
आपको वो इंसान नजर आएगा
जो आपकी मदद कर सकता है
परिश्रम वह चाबी है
जो सौभाग्य के द्वार खोलती है