रिश्ते बनते रहे इतना ही बहुत है और सब हँसते रहे इतना ही बहुत है.
यदि आप डर पर विजय पाना चाहते हैं तो घर बैठे उसके बारे में सोचिये मत. बाहर निकालिए और अपने काम मे व्यस्त हो जाइये।
सफलता का कोई पैमाना नहीं होता –
एक गरीब बाप का बेटा बड़ा होकर ऑफिसर बने पिता के लिए यही सफलता है।
जिस इंसान के पास कुछ खाने को ना हो वो सुख पूर्वक 2 वक्त की रोटियां जुटा ले ये भी सफलता है
अपनी कमियाँ पूरी दुनिया से छिपाइए,
लेकिन अपनी कमियाँ कभी खुद से मत छिपाइए
अपनी कमियाँ खुद से छिपाने का मतलब होता है,
अपने आप को खुद बर्बाद करना
जो बांधने से बंधे… और तोड़ने से टूट जाये…
उसका नाम है “बंधन”
जो अपने आप बन जाये… और जीवन भर ना टूटे…
उसका नाम है “संबंध”