“Unko ye dar nahi ki ab maut unke aur kareeb hai par unko sirf ye dar hai ki dhalti umar ke saath unki khane- peeni ki azadi, ghumne- firne ki azadi, apni sharto par jeene ki azadi chhin jaayegi.”
आकाश से ऊँचा कौन – पिता
धरती से बड़ा कौन – माता
पेड़ कभी डाली काटने से नहीं सूखता
पेड़ हमेशा जड़ काटने से सूखता है……..
वैसे ही इंसान अपने कर्म से नहीं
बल्कि अपने छोटी सोच और गलत व्यवहार से हारता है……!!
शत्रु को सदैव भ्रम में रखना चाहिए ।
जो उसका अप्रिय करना चाहते हो तो उसके साथ सदा मधुर व्यवहार करो
उसके साथ मीठा बोलो । शिकारी जब हिरण का शिकार करता है
तो मधुर गीत गाकर उसे रिझाता है, और जब वह निकट आ जाता है,
तब वह उसे पकड लेता है
बडी लम्बी खामोशी से गुजरा हूँ मै,किसी से कुछ कहने की कोशिश मे।