जब किसी की याद सताए, हवा जब बादलों को सहलाए, कर लो आँखे बंद और सो जाओ, क्या पता जिस का है खयाल, वो ख्वाबों में आ जाए…गुड नाईट!!
अमर वही इंसान होते हैं
जो दुनियां को कुछ देकर जाते हैं
शुभचिंतक वो नही होते जो आपसे रोज़ मिलें और बातें करें...
शुभचिंतक वो है जो आपसे रोज़ ना भी मिल सकें
फिर भी आपकी ख़ुशी के लिए प्रार्थना करें...
सुप्रभात
मदद करना सीखिये
फायदे के बगैर
मिलना जुलना सीखिये
मतलब के बगैर
जिन्दगी जीना सीखिये
दिखावे के बगैर
और
मुस्कुराना सीखिये
सेल्फी के बगैर!
अब तो मज़हब कोई ऐसा भी चलाया जाए,
जिसमें इंसान को इंसान बनाया जाए|