जब किसी की याद सताए, हवा जब बादलों को सहलाए, कर लो आँखे बंद और सो जाओ, क्या पता जिस का है खयाल, वो ख्वाबों में आ जाए…गुड नाईट!!
आहिस्ता आहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानों का……
कहीं सपनों से लोगों का ऐतबार ना उठ जाए..
चाहत तुम्हारी - रविवार की तरहहकीकत जिंदगी - सोमवार की तरह...!!
“लोग क्या कहेंगे”- ये बात इंसान को आगे नहीं बढ़ने देती
त्याग दी सब ख्वाहिशें
कुछ अलग करने के लिए
“राम” ने खोया बहुत कुछ
“श्री राम” बनने के लिए