दिल तो पहले होता था सीने में ,
अब तो दर्द लिए फिरते है |
ये सर्द शामें भी किस कदर ज़ालिम है,बहुत सर्द होती है, मगर इनमें दिल सुलगता है।
कुछ लम्हे और उसका साथ चाहता था,
आँखों में थमी वो बरसात चाहता था !!
जानता हु बहुत चाहती थी वो,
मगर उसकी जुबान से 1 बार इज़हार चाहता था...!!
Mat karo pyar kisi se phoolon ki taraha,
Phool to pal mae Murjha jaate hai,
Pyar karo to karo Kaaton ki taraha,
Jo Chubhne ke baad bi Yaad Aate hain !!
मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना,भूल जाना मेरा ख्याल ना करना,हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे,पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!