कितनी हसीं थी वो मोहोब्बत बचपन की, मेरे ना देखने पर सबसे रूठ जाती थी वो!!
खुदा की फुर्सत में एक पल आया होगा,
जब उसने तुझ जैसा प्यारा इंसान बनाया होगा,
न जाने कौन से दुआ कुबूल हुई हमारी,
जो उसने मुझे तुझसे मिलाया होगा
कठिन है राहगुज़र थोड़ी दूर साथ चलोबहुत बड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता हैमैं जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो
रब करे आप को नया साल रास आ जाए,जिसे आप चाहते हो वो आपके पास आ जाए,इस साल कुंवारे ना रहे आप,आप का रिश्ता लेकर आपकी सास आ जाए!!
मेरे दोस्तों ने इकट्ठा किया मेरे ही कत्ल का सामान,
मैंने उनसे कहा,
यारो तुम्हारी नफरत ही काफी थी मुझे मारने के लिए……