दुःख जीवन में इसलिए आते है,
ताकि हम सुख का महत्ब समझ सके |
क्रोध हमेशा मनुष्य को तब आता है
जब वह अपने आप को कमज़ोर और हारा हुआ पाता है
किस एक विचार को अपने जीवन का लक्ष्य बनाओ,
कुविचारों का त्याग कर केवल उसी विचार बारे में सोचो,
तुम पाओगे कि सफलता तुम्हारे कदम चूम रही है।
ईश्वर हर जगह नहीं हो सकते
इसलिए उन्होंने माँ को बनाया
शुभचिंतक वो नही होते जो आपसे रोज़ मिलें और बातें करें...
शुभचिंतक वो है जो आपसे रोज़ ना भी मिल सकें
फिर भी आपकी ख़ुशी के लिए प्रार्थना करें...
सुप्रभात