हँस के पी जाओ भांग का प्याला..क्या डर है जब साथ है अपने त्रिशुल वाला..बम बम भोले
दो मुलाकात क्या हुई हमारी तुम्हारी,निगरानी में सारा शहर लग गया।
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं …. जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए।
जीवन बहती नदी है, अतः हर परिस्थिति में आगे बढे
जहा कोशिश का कद बड़ा होता है
वह नसीबो को भी झुकना पड़ता है
खुद की पर्वा किए बिना दिन रात अन्न उपजाता है, सलाम है इस धरती माँ के पुत्र को जिसके कारण हमारा जीवन मुस्काता है।
छत टपकती हैं, .. उसके कच्चे घर की……
फिर भी वो किसान करता हैं दुआ बारिश की..