वक़्त बदलता है जिंदगी के साथ।
ज़िन्दगी बदलती है वक़्त के साथ।
वक़्त नही बदलता अपनो के साथ।
बस अपने ही बदल जाते है वक़्त के साथ।
ना ठुकरा मेरी दोस्ती मुझे गरीब समज कर ए दोस्त,
यह दौलत वाले खरीदार तो होते है,
लेकिन वफादार नही
आदत है या तलबइश्क है या चाहततू दिल मे है या साँसों मेतू दीवानगी है या मेरी आशिकीतू ज़िन्दगी है या फिर एक किस्सापर जो भी है सिर्फ तू है
मिर्ज़ा ग़ालिब:हमें तो अपनों ने लूटागैरो में कहाँ दम थाअपनी कश्ती वहां डूबीजहां पानी कम थाग़ालिब की पत्नी:तुम तो थे ही गधेतुम्हारे भेजे में कहाँ दम थावहां कश्ती लेकर गए ही क्योंजहाँ पानी कम था!!
Khuda salamat rakhna unko,Jo humse nafrat karte hai,Pyaar na sahi nafrat hi sahi,Kuch to h jo wo sirf hmse krte h...