मेरे एक पडोसी है, जिनका नाम है 'भगवान'
और उनकी लड़की का नाम है भक्ति।
मम्मी बोलती है कि, 'बेटा भगवान की भक्ति में मन लगाया कर 'अब मम्मी को कैसे समझाऊ की भक्ति में तो मन लगाता हुँ, पर भगवान नहीं मान रहे…
बनकर तेरा साया तेरा साथ निभाउंगी,तु जहा जाएगा में वहाँ-वहाँ आऊँगी,साया तो छोर जाता है साथ अँधेरे में,लेकिन में अँधेरे में तेरा उजाला बन जाउंगी !!
“आँखों से दूर दिल के करीब था,
में उस का वो मेरा नसीब था.
न कभी मिला न जुदा हुआ,
रिश्ता हम दोनों का कितना अजीब था.”
हमसे ना कट सकेगा अंधेरो का ये सफर
अब शाम हो रही हे मेरा हाथ थाम लो।
मेरा कारनामा-ए-जिंदगी, मेरी हसरतों के सिवा कुछ नहीं,
ये किया नहीं,वो हुआ नहीं,ये मिला नहीं,वो रहा नहीं....!!