दिल टूटना सजा है महोब्बत की,दिल जोडना अदा है दोस्ती की,माँगे जो कुर्बानी वो है महोब्बत,जो बिन माँगे हो जाऐ कुर्बान……वो है दोस्ती हमारी…..
उसके साथ रहते रहते हमे चाहत सी हो गयी,उससे बात करते करते हमे आदत सी हो गयी,एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है,दोस्ती निभाते निभाते हमे मोहब्बत सी हो गयी!
नहीं बन जाता कोई अपनायूँ ही दिल लगाने से,करनी पड़ती है दुआ,सच्ता दोस्त पाने के लिए रब से,रखना संभालकर ये याराना अपना,टूट ना जाए ये किसी के बहकाने से
दोस्ती ज़िन्दगी का खूबशूरत लम्हा है,
जिसे मिल जाये तन्हाई में भी खुश,
जिसे न मिले भीड़ में भी अकेला.