वफ़ा निभा के वो हमे कुछ दे ना सके,
पर बहुत कुछ दे गये जब वो बेवफा हुए
Dil Ki Dahleez Par Rakh Kar Teri Yaadon Ke Chiraag
Humne Duniyan Ko Mohabbat Ke Ujaale Bakhshey
आंसुओं की किम्मत क्या हैहम बखुबी समझते है ।वो कोई और होंगे ए सनमजो ओस को शबनम समझते है ॥
भुलाया उनको जाता है जो दिमाग में बसते है,
दिल में बसने वालो को भूलना नामुमकिन है!!
शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है