हर एक हसीन चेहरे में गुमान उसका था,
बसा न कोई दिल में ये मकान उसका था,
तमाम दर्द मिट गए मेरे दिल से लेकिन,
जो न मिट सका वो एक नाम उसका था।
DESH bahkto ki balidaan se,
SWATNATRA huye hai hum..
koi puche kon ho,
to GRAV se kahenge.
Bhartiya hai hum…
तकदीर के हाथों खुद को में जोड़ना नहीं चाहता,
मेरे दो हाथो का होसला में तोडना नहीं चाहता,
मौसम की तरह बदल जाती ये हाथो की लकीरें,
बंद मुट्ठी मेरी हरगिज़ मैं खोलना नहीं चाहता।
उठाये जो हाथ उन्हें मांगने के लिए,
किस्मत ने कहा, अपनी औकात में रहो।
इतना ना तड़पाओ मेरे दिल को,
इतना ना सताओ मेरे बाहों को,
इतना ना छुपाओ तेरे प्यार को,
आग दोनो तरफ़ लगी हैं..आओ ले लो मुझे अपनी बाहों में..
HAPPY HUG DAY 2018