अच्छा हुआ
कि तूने हमे तोड़ कर रख दिया,
घमंड भी तो बहुत था
हमे तेरे होने का....
एक रोस उनके लिएजो मिलते नही रोज़-रोज़,मगर याद आते है हर रोज़ |
मेरे दर्द को भी आह का हक़ हैं,
जैसे तेरे हुस्न को निगाह का हक़ है
मुझे भी एक दिल दिया है भगवान ने
मुझ नादान को भी एक गुनाह का हक़ हैं
वह अपने करम उँगलियों पर गिनते हैं,
पर ज़ुल्म का क्या जिनके कुछ हिसाब नहीं
हम दूर तक यूँ ही नहीं पहुंचे ग़ालिब ,
कुछ लोग कन्धा देने आ गए थे...
जिंदगी एक फूल है
तो मोहब्बत उसकी खुशबू है
प्यार एक दरिया है
तो महबूब उसका साहिल है अगर
जिंदगी एक दर्द है तो दोस्त उसकी दवा है