एक पागल आइने में खुद को देख
कर सोचने लगा यार इसको कहीं देखा हूँ।
काफी देर टेंसन में सोचते सोचते-----
धत्त तेरी की ये तो वही है
जो उस दिन मेरे साथ बाल कटवा रहा था
कैसे एक लफ्ज़ में बयां कर दूँ
दिल को किस बात ने उदास किया
उम्र ने तलाशी ली, तो जेबों से लम्हे बरामद हुए..कुछ ग़म के, कुछ नम थे, कुछ टूटे, कुछ सही सलामत थे..
#GST ,मतलब G= गांव में S= सेट होने काT= टाइम आ गया है
राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी
यह रंग ना जाने कोई जात ना कोई बोली
मुबारक हो आपको रंगों भरी होली