एक पति द्वारा की गई अब तक की सबसे रोमांटिक तारीफ ...... तेरी जुल्फों ने हर तरफ हंगामा मचा रखा है, कभी दाल में, कभी सब्जी मे, कभी रोटी में कब्ज़ा जमा रखा है।
पत्नी-You never gifted me diamont, pearls,goldपति मुट्ठी भर मिट्टी देता हपत्नी-ये क्यापति-मेरे देश की धरती सोना उगले,उगले हीरे मोतीपति बेघर ह
मैंने ज़माने के एक बीते दोर को देखा है
दिल के सुकून को और गलियों के शोर को देखा है
मैं जानता हूँ की कैसे बदल जाते हैं इन्सान अक्सर
मैंने कई बार अपने अंदर किसी ओर को देखा है।
जिस प्रभात से, परमात्मा का स्मरण हो जाये,
वह प्रभात, सुप्रभात हो जाता है।
खैरात में मिली ख़ुशी मुझे अच्छी नहीं लगती ग़ालिब,मैं अपने दुखों में रहता हु नवावो की तरह...