पहली बार किसी चेहरे पर निगाह ठहरी है
उसकी आंखे सागर से भी गहरी है
थक गया मैं अपने प्यार का इजहार
करते करते
तब पता चला कि वो तो बहरी है..!!
होंठो ने मुस्कुराने से मना कर दिया..
आंसुओं ने बह जाने से मना कर दिया..
एक बार जो दिल टूटा प्यार में..
फिर इस दिल ने दिल लगाने
से मना कर दिया /...
Apni tanhaayi se tang aa kar..
Bahut se aainey khareed laya hun …
मैंने कहा की बहुत प्यार आता है तुम पर,
वो मुस्कुरा की बोले और तुम्हे आता ही क्या है......
चलो अच्छा हुआ काम आ गयी दीवानगी अपनी,
वरना हम ज़माने भर को अपनी मोहब्बत समझाने कहाँ जाते?
Izhar-e-Tamanna Hi Tauheen-e-Tamanna Hai,
Tum Khud Hi Samajh Jaao Main Naam Nahi Lunga.