भीगते है जिस तरह से तेरी यादों में डूबकर,
इस बारिश में कहां वो कशिश है तेरे
खयालों जैसी..!!
Can you please guide how can I post my poem. Thanks
Hum is kabil to nahi ke koi humein apna samjhega,
Lekin itna to yaqeen hai koi royega boho0at hume kho dene ke baad…
कमाल तेरे नखरे,
कमाल का तेरा स्टाइल है;
बात करने की तमीज नहीं,
और हाथ में मोबाइल है!!
😄😄😄😄😝😝
लाखों तूफान उठे है इस दिल में
तुजे देखने के बाद
काश
जुल्फों की काली घटाओं से ढक पाऊ
ये चाँद सा चेहरा तेरा
जीत किसके लिए,हार किसके लिए,जिन्द गी भर यह तकरार किसके लिए,जो भी आया है वो जाऐगा एक दिन,फिर ये अहंकार किसके लिए।..