भरोसा क्या करना गैरों पर,जब गिरना और चलना है अपने ही पैरों पर।
श्री कृष्णा की 16000 रानियाँ थी,
फिर भी वो अपने दोस्त
सुदामा को नहीं भूले थे...
और आजकल तो लड़के
एक लड़की क्या पटा ली
साले फ़ोन तक नहीं उठाते..!
😄😄😄😄😄😄😄😄😄
लिखूं कुछ आज यह वक़्त का तक़ाज़ा है,
मेरे दिल का दर्द अभी ताज़ा ताज़ा है,
गिर पड़ते हैं मेरे आँसू मेरे ही काग़ज़ पर
लगता है कलम में स्याही का दर्द ज़्यादा है!!
मैं तेरे हिज़ार की बरसात में कब तक भीगू!!ऐसे मौसम में तो दीवारे भी गिर जाती है..