दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है।
अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो
कोई वादा ना कर, कोई ईरादा ना कर!
ख्वाईशो मे खुद को आधा ना कर!
ये देगी उतना ही, जितना लिख दिया खुदा ने!
इस तकदीर से उम्मीद ज़्यादा ना कर!
इंसान हर घर में जन्म लेता है
लेकिन इंसानियत कहीं कहीं ही जन्म लेती है
गर्लफ्रेंड :- मेरा मोबाइल माँ के पास रहता है.
बॉयफ्रेंड :- अगर पकड़ी गयी तो..?
गर्लफ्रेंड :- तुम्हारा नंबर, "Battery Low" नाम से रखा है,
जब भी तुम्हारा फ़ोन आता है तो माँ कहती है "लो चार्ज कर लो "
बॉयफ्रेंड अभी भी कोमा में है..!