जबसे औरंगजेब मार्ग का नाम अब्दुल कलाम मार्ग हुआ है, भीड़ कम हो गई है....क्योकिअब्दुल कलाम के मार्ग पर चलना वाकई मुश्किल है|
आसमां पे ठिकाने किसी के नहीं होते !
जो ज़मीं के नहीं होते वो कहीं के नहीं होते !
सुप्रभात ॥
उमीद तो हमने ये की थी,
में राँझा तेरा तू मेरी हीर बने,
पर शायद खुद को ये मंज़ूर न था,
की तू मेरी तकदीर बने!
राहुल गांधी गुजरात में अपने ड्राइवर से
ये आगे ट्रक के पीछे क्या लिखा है?
ड्राईवर – कृपया हॉर्न दीजिये।
राहुल गांधी – अजीब आदमी है।
अबे हॉर्न दे देंगे तो बजायेंगे क्या ?
😓😓😓😳😳😳
चेहरे पर हंसी छा जाती है,
आँखों में सुरूर आ जाता है,
जब तुम मुझे अपना कहते हो,
मुझे खुद पर गुरुर आ जाता है।