सपनों की मंज़िल पास नहीं होती,ज़िंदगी हर पल उदास नहीं होती,ख़ुदा पे यकीन रखना मेरे दोस्त,कभी-कभी वो भी मिल जाता है जिसकी आस नही होती..
ये मुहब्बत कब, किससे हो जाये इसका अंदाजा नहीं होता
ये वो घर है जिसका कोई दरवाजा नहीं होता
8 से 9 महिने तक तुमने मुझे अवोईड किया,
लेकिन अब तुम मुझे ओर दूर नहीं रख सकते,
आज नहीं तो कल अपनी बाहों में मुझे जरूर लोगे,With Love…तुम्हारी पुरानी…“स्वेटर”
कद बढ़ा नहीं करते, ऐड़ियां उठाने सेऊंचाईया तो मिलती हैं, सर झुकाने से।
वो मुझे भूल गयी है लेकिन उसकी यादें अब भी मुझे रुलाती है जितना भूलना चाहूँ म उन यादों को वो यादें उतनी ही याद आती है।
वो मुझे भूल गयी है लेकिन
उसकी यादें अब भी मुझे रुलाती है
जितना भूलना चाहूँ म उन यादों को
वो यादें उतनी ही याद आती है।