पूछता है जब कोई मुझसे की दुनिया में मोहब्बत अब बची है कहाँ..??मुस्कुरा देता हु मैं और याद आ जाती है "माँ"
मेरे दर्द को भी आह का हक़ हैं,
जैसे तेरे हुस्न को निगाह का हक़ है
मुझे भी एक दिल दिया है भगवान ने
मुझ नादान को भी एक गुनाह का हक़ हैं
तेरा इंतेज़ार मुझे हर पल रहता है,
हर लम्हा मुझे तेरा एहसास रहता है,
तुझ बिन धड़कने रुक सी जाती है,
की तू मेरे दिल मे मेरी धड़कन बनके रहता है!!
Jis ke naseeb mein hon zamaney ki thokarein…!!
Us bad-naseeb sey na sahar’on ki baat ker…
Dekhi hotho ki hasi zakham na dekhe dil ka,
aap bhi oron ki tarha kha gae dhokha keishe!