Jis ke naseeb mein hon zamaney ki thokarein…!!
Us bad-naseeb sey na sahar’on ki baat ker…
लगता है, मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर,
मेरी दुनीयाँ में आपकी मौजूदगी, यूँ ही तो नहीं.!
सज रही हैं खुशियों की महफ़िल,
सज रहे समाज हैं हो ये खुशहाल.
सलामत रहे आपकी पूरी जिंदगी,
मुबारक हो नया साल।
आज का ज्ञाननक़ल सिर्फ इतनी ही करवानी चाहिए की स्टूडेंट पास हो जाये,ना कि टॉप ही कर ले।
इश्क की शुरुआत निगाहों से होती है
सजा की शुरुआत गुनाहों से होती है
कहते हैं इश्क भी एक गुनाह है
जिसकी शुरुआत दो बेगुनाहों से होती है